बसंत रथ : एक आईपीएस, 36 दिन और जम्मू कश्मीर में ट्रैफिक व्यवस्था का कायापलट

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By Fast Kashmir on 16/03/2018.

बसंत रथ : एक आईपीएस, 36 दिन और जम्मू कश्मीर में ट्रैफिक व्यवस्था का कायापलट

Gursimran Singh


जम्मू कश्मीर की ट्रैफिक व्यवस्था ने पिछले 36 दिनों में जो करवट ली है वो मानो किसी बडी क्रांति से कम नही है । 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी बसंत कुमार रथ की ट्रैफिक प्रमुख के तौर पर नियुक्ति होने के साथ ही जम्मू में ट्रैफिक की व्यवस्था में सुधार आना शुरू हो गया है। जम्मू कश्मीर पुलिस में काफी समय से एक ऐसे प्रमुख की आवश्यकता थी जो भ्रष्टाचार और उगाही से भरे इस विभाग की तसवीर बदल सके । अगर जम्मू कश्मीर की बात की जाए तो 36 दिनों में बसंत ने अपनी बहार से जम्मू की ट्रेफिक व्यवस्था तो पुनः जीवित कर दिया है।


सड़को पर पहली बार देखा कोई पुलिस प्रमुख

जम्मू ने बसंत रथ के रूप में पहली बार ऐसा पुलिस प्रमुख देखा जो स्वयं सड़को पर दिखा। यातायात की दशा को बदलने हेतु बसंत रथ ने अपना कार्यभार संभालते ही सड़को का रुख किया। बसंत रथ ने न सिर्फ ट्रैफिक पुलिस बल्कि पुलिस की साथी विभाग को भी ट्रैफिक पुलिस के साथ व्यवस्था परिवर्तन में साथी बन दिया है।


महिला सुरक्षा के लिए पहल

जम्मू कश्मीर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस कभी भी चिंतित नहीं दिखी लेकिन बसंत रथ के आने क साथ हे विभाग राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की लेकर सतर्क हो गया है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और अन्य अधिकारीयों को लिखे अपने आदेशों में बसंत रथ ने साफ़ कर दिया है की महिला सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और बाकी विभागों को भी इसे प्राथमिकता के तौर पर लेना होगा और जरुरत के अनुसार अतिरिक्त बसे चलने होंगी।


स्कूली वाहनों पर नकेल

ट्रैफिक प्रमुख बसंत रथ सड़को में नियमो के साथ साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी प्रतिब्द्त नज़र आये । स्कूल संचालकों को लिखे एक आदेश में बसंत रथ ने यह साफ़ कर दिया कि दशकों से चली आ रही उनकी मनमानियां अब और नहीं चलेंगे। स्कूल संचालकों के साथ हुई बसंत रथ कि मुलाकात चर्चा का विषय तब बन गए जब उन्होंने यह लिखा कि मुलाकात केवल ३.३० मिनट तक चली, इसका मतलब साफ़ था कि बसंत रथ यात्री वाहनों क साथ स्कूली वाहनों पर भी नकेल कसने की तयारी में है । यह तक की नियमो का उल्लंघन करने पर बसंत ने एक जाने मने स्कूल की बस तक सीज़ कर दी ।


कश्मीर में दिलखोल स्वागत

बसंत रथ ने जब ट्रैफिक प्रमुख का पदभार संभाला है तबसे वह मात्र एक बार कश्मीर गए है लेकिन कश्मीर में उनके कामकाज के तरीको की सराहना होनी शुरू हो चुकी है । जम्मू की तरज़ पर एसएसपी स ताहिर कश्मीर में यातायात व्यवस्था में सुधार लाना शुरू कर दिया है । राज्य में यह पहले बार देखा जा रहा है की कश्मीर में भी जम्मू की तरह किसी आईपीएस अफसर की सराहना हो रही है ।


नही बक्शे सुरक्षा वाहन

कश्मीर में जहा अस्फपा को लेके हमेशा सरकार की किरकिरी  होती रही है कि सरकार सुरक्षा एजेंसीज का साथ देती है । रथ के ट्रैफिक प्रमुख का पदभार संभालते ही ट्रैफिक पुलिस ने न सिर्फ सीआरपीऑफ का चालान कटा बल्कि अपने ही काफिले कि गाडी का चालान काट कर एक मिसाल कायम की ।


आलोचना के बावजूद “बसंत ऋतु” कायम


एक तरफ बसंत रथ अपने कामकाज के तरीको को लेकर प्रशंशा बटोर रहे है वही सोशल मीडिया के कुछ गलियारों में बसंत का विरोध भी हो रहा है । कुछ लोग बसंत के व्यव्हार को लेकर उनकी आलोचना कर रहे है लेकिन बसंत रथ खुद उनकी शिकायतों पर “Listening” लिख कर उनका संज्ञान ले रहे है ।


 

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